प्राकृतिक चिकित्सा मानव जीवन के लिए बरदान - डॉ. एस. एल. यादव

75 वें आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष में सूर्या फाउंडेशन के आह्वान पर देश  में राष्ट्रव्यापी आंदोलन रोग मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत नेचरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन आई एन ओ के माध्यम से पूरे देश में प्राकृतिक चिकित्सा को जन जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इस अभियान का राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान NIN पुणे एवं आयुष मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली का पूर्ण सहयोग प्राप्त है। इसी श्रंखला में आज दिनांक 06 मार्च 2022 रविवार को 11:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक प्राकृतिक चिकित्सा शिविर हेल्थ चेकअप कैंप योग महिला सम्मान समारोह का आयोजन पारस भवन योग व प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान ग्राम आसना अजीतपुर मथुरा रोड अलीगढ़ में संपन्न हुआ। 

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. एस.एल. यादव मुख्य सलाहकार आईआईटी कानपुर एवं आई.एन.ओ. उत्तर प्रदेश राज्य समन्वयक ने दीप प्रज्वलन कर के शुरुआत की एवं बताया कि कोरोना काल में किस तरह से लोगों ने प्राकृतिक चिकित्सा का उपयोग किया जिससे जिसमें काडे के जूस के मर्म को समझा। प्राकृतिक चिकित्सा को जो मानव जीवन के लिए ईश्वरीय वरदान बताया डॉ.यादव ने पूर्ण वाष्प स्नान जल नेती क्रिया एवं शंख प्रचालन को भी प्रत्येक व्यक्ति की स्वच्छता की गारंटी देने वाला बताया। यदि कोई भी व्यक्ति उपयोग करता है तो उसे मानसिक समस्याओं से छुटकारा मिलेगा। वह बालों का झड़ना असमय सफेद होना जैसे समस्याओं से निश्चित रूप से मुक्ति मिलेगी।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ संजीव शर्मा एमबीबीएस एमडी ने लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने व प्राकृतिक जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित किया और लोगों का नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच की। अतिथि हरिओम सूर्यवंशी पतंजलि अलीगढ़ ने लोगों को अपना दैनिक दिनचर्या को सुधारने की अपील की। वहां उपस्थित सभी नारी शक्ति का सम्मान किया गया। साथी उपस्थित सभी प्रतिभागियों का सहभागिता प्रमाण पत्र वितरित किया गया रोग मुक्त भारत अभियान कार्यक्रम का मंच संचालन राम प्रताप सिंह जी ने किया। 

कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम संयोजक व जोनल समन्वयक रुहेलखंड उत्तर प्रदेश योगासन खेल संघ अलीगढ़ सचिव योगाचार्य विकास उपाध्याय ने जल नीति के महत्वपूर्ण फायदे बताएं। इस कार्यक्रम में योगाचार्य शशि शर्मा, ज्ञानमती शर्मा, साधना उपाध्याय, सुमन नंदा, कामिनी कुमारी, मधु गुप्ता, रंजना सिंह, ललिता बर्मा, रजनी गोस्वामी, शेर सिंह आर्य, लोकेश पचौरी, गोपाल, सुखदेव, राज सिंह, नरेंद्र कुमार, मनोज कुमार आदि लगभग 135 साधकों ने सहभागिता की।

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