रोग मुक्त भारत अभियान के तहत प्राकृतिक चिकित्सा शिविर बरेली जिले के करेली गांव में आयोजित किया गया - आई.एन.ओ. बरेली


नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ नेचुरोपैथी, केंद्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान परिषद नई दिल्ली तथा आयुष मंत्रालय के सहयोग से इंटरनेशनल नेचरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन तथा सूर्या फाउंडेशन ने प्राकृतिक चिकित्सा शिविर ग्राम पंचायत करेली जनपद बरेली, उत्तर प्रदेश में आयोजित किया गया। कार्यक्रम बरेली निवासी प्रीति अग्रवाल क्षेत्रीय संयोजक (रूहेलखंड जोन उत्तर प्रदेश) तथा ज्योति ठाकुर, संचालिका, निशुल्क शिक्षा केंद्र द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें 200 लोगों की उपस्थिति रही। 

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती जी के आगे दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर प्राकृतिक चिकित्सा विषय पर बोलते हुए डॉ राजेन्द्र योगी ने कहा कि प्रकृति का मूल आधार मिट्टी पानी धूप हवा है और रोगों का उपचार भी इन्हें के द्वारा किया जा सकता है। इसके लिए प्रकृति की ओर वापस जाना होगा। प्रकृति की ओर वापसी आत्मा की तथा हमारा व्यवहार भी प्रकृति के अनुसार करना होगा। स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का वास होता है तथा महेश चंद्र के द्वारा आत्म संयम एवं आत्मायोग, भोजन में स्थानीय तथा मौसमी अनुकूल, मौसम अनुकूल खाद्य पदार्थ व फल, भोजन में कच्चे भोजन की मात्रा बढ़ाना, उपवास, प्राकृतिक खेती इन सब के द्वारा ही रोगों से मुक्ति संभव है इसके लिए हमें दृढ़ संकल्प के साथ नियमित जीवन में अपनाना होगा। 

मुख्य वक्ता डाॅ दीपमाला शर्मा ने कहा कि स्वच्छता स्वास्थ्य का आधार है और उसका प्रारंभ अपने स्वयं से करना है उन्होंने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण विषय है हमारे आसपास के वातावरण को स्वच्छ, सुंदर रखना इसके लिए स्वच्छता मुख्य विषय है। स्वच्छता में भी हमारे घर का वातावरण स्वच्छ हो, भोजन स्वच्छ हो, जिसमें तले हुए पदार्थों से लेकर ज्यादा मसाले न हो। शरीर स्वच्छ और स्वस्थ रहे इसके लिए नियमित योगाभ्यास तथा मन के स्वास्थ्य के सद साहित्य तथा संगति, स्वाध्याय सामाजिक कार्य में सक्रियता तथा आत्मा की संतुष्टि के लिए ध्यान योग तथा प्राणायाम आवश्यक है। कार्यक्रम में योगाचार्य नमिता खरे भी उपस्थित रहीं। इस कार्यक्रम का संचालन राज सिंह ने किया।

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